
● मुंबई
महाराष्ट्र को प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट रणनीति पेश की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 से 2030 के बीच का दौर राज्य की आर्थिक दिशा तय करेगा और इसी अवधि में निर्णायक कदम उठाकर विकास को नई गति दी जाएगी।
सह्याद्री अतिथि गृह में ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ विजन की समीक्षा बैठक के दौरान फडणवीस ने सभी विभागों को स्पष्ट, समयबद्ध और परिणाम आधारित लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की घोषणा से अधिक महत्वपूर्ण उनका प्रभावी क्रियान्वयन है, जिससे आम लोगों तक विकास का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि इस योजना के लिए अलग से बड़ा वित्तीय प्रावधान नहीं होगा। विभागों को मौजूदा संसाधनों के भीतर ही काम करते हुए अपनी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना होगा। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत अधिक से अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य में संसाधनों की कमी नहीं है, चुनौती मजबूत और व्यवहारिक परियोजनाओं की है। पीपीपी, एडीबी और वर्ल्ड बैंक जैसे स्रोतों से निवेश आकर्षित करने के लिए ठोस परियोजना ढांचा तैयार करना जरूरी है।
फडणवीस ने राज्य के 11 पिछड़े जिलों को विकास का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर समग्र आर्थिक वृद्धि को गति दी जा सकती है। सभी विभागों को 30 अप्रैल तक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर वित्त विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
