
● मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि (सीएमआरएफ) को नई डिजिटल दिशा देने का फैसला किया है। इस पहल के तहत चिकित्सा सहायता की प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे मरीजों को अब इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नई ऑनलाइन प्रणाली की सबसे अहम विशेषता यह है कि आवेदन पर महज 8 कार्यालयीन घंटों में निर्णय लिया जाएगा। यानी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी और उपचार में देरी की समस्या काफी हद तक खत्म होगी।
व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अब मरीज या उनके परिजनों को आवेदन के लिए अलग से दौड़-धूप नहीं करनी पड़ेगी। संबंधित अस्पताल ही मरीज के जरूरी दस्तावेज एकत्र कर सीधे मुख्यमंत्री सहायता निधि कार्यालय को भेजेंगे। इससे प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और मरीजों को राहत मिलेगी।
पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष के माध्यम से कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में यह डिजिटल प्रणाली लागू की जा रही है, ताकि जरूरतमंदों तक सहायता शीघ्रता से पहुंचे।
सरकारी आंकड़े इस योजना की प्रभावशीलता को भी दर्शाते हैं। 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच राज्य के 40,776 मरीजों को कुल 333 करोड़ 6 लाख 81 हजार 500 रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
इस नई प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया जाएगा, जिसके बाद इसे पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए मरीज 1800 123 2211 टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
