
● मुंबई
मालाड के आदर्श बस्ती में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में 1000 से अधिक लोगों की सहभागिता रही। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरुओं, सामाजिक चिंतकों और उद्योग जगत की हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। सम्मेलन में सांस्कृतिक एवं मांगलिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी हुईं।
वरिष्ठ लेखक संदीप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू पहचान किसी से मिली नहीं बल्कि इसे हमें स्वयं अपनाना होता है। उन्होंने युवाओं को सामाजिक परिस्थितियों के प्रति सजग रहने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने समाज में एकता बढ़ाने के लिए पारंपरिक वेशभूषा अपनाने और सांस्कृतिक प्रतीकों के सम्मान पर बल दिया।

सम्मेलन की अध्यक्षता गंगाधर ओमल ने की जबकि शिवांद नगर के संचालक फकीरचंद गर्ग की विशेष उपस्थिति रही। इसके साथ ही वैष्णव संप्रदाय के गोस्वामी धवलकृष्णलालजी, जैन मुनि विद्यासागरजी, स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रवक्ता मूलकरण प्रजापत ने समाज को एकजुट रहने और जाति-पांति के भेद से ऊपर उठने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में श्रीप्रकाश मिश्रा ने ‘कुटुंब प्रबोधन’ विषय पर विचार रखे और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में न्यूज़ अकादमी एवं चैंपियन अकादमी के विद्यार्थियों ने शौर्य प्रदर्शन किया। गायिका कविता शाह और उनकी टीम ने भजन प्रस्तुति दी। इसके अलावा आदर्श, गोरखवाले, नर्सिंग नेतन और शंकर गली के अलग-अलग हिस्सों से ‘कलश यात्राएं’ निकाली गईं, जिनका समापन कार्यक्रम स्थल पर हुआ।
