■ क्या लागू होगा दल-बदल कानून?

● नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए उसके 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम की घोषणा शुक्रवार शाम 4 बजे राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में की, जिसके तुरंत बाद वे भाजपा कार्यालय पहुंचे और औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल को सदस्यता दिलाई। राघव ने बताया कि इनके अलावा हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता भी इस फैसले के साथ हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप पाठक और अशोक मित्तल मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि अशोक मित्तल Lovely Professional University के चेयरमैन हैं और हाल ही में 15 अप्रैल को जालंधर स्थित उनके आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी।
हालांकि, शेष चार सांसद अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वह इस समय ईटानगर में हैं और दिल्ली लौटने के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगी। इस घटनाक्रम का असर पंजाब की राजनीति पर भी पड़ सकता है, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
● दल-बदल कानून का प्रभाव
राघव चड्ढा ने दावा किया कि पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है, ऐसे में दलबदल कानून लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। अब हमने संवैधानिक प्रावधानों के तहत भाजपा में विलय का निर्णय लिया है।’
