■ पुस्तक विमोचन, साहित्यिक परिचर्चा और काव्य गोष्ठी संपन्न

● आजमगढ़
मुंबई के ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक ‘जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन’ लोगों, विशेष रूप से नई पीढ़ी को साहित्य सेवा के लिए प्रेरित करेगी। यह उद्गार साहित्यकार डॉ. श्याम वृक्ष मौर्य ने रविवार, 10 मई को मारवाड़ी धर्मशाला, आजमगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में व्यक्त किए।
तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आजमगढ़ इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन, साहित्यिक परिचर्चा तथा काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. मौर्य ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों साहित्यकार हरिहर पाठक, परमहंस सिंह, कवि सोहन लाल गुप्त ‘स्नेहिल’ तथा शिक्षक बरुण कुमार पाण्डेय द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। संयोजक कवि लाल बहादुर चौरसिया ‘लाल’ एवं कवि राकेश पाण्डेय ‘सागर’ ने अतिथियों का स्वागत किया। कवयित्री सरोज यादव ने “हे जननी, तार हृदय के खोल” सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। महुआ सुर संग्राम विजेता भोजपुरी गायक एवं रचनाकार वीरेंद्र भारती ने स्वागत गीत “श्रीमन जो पधारे हैं, महक उठा घर-आंगन” प्रस्तुत किया।
आयोजन समिति द्वारा डॉ. श्याम वृक्ष मौर्य को श्याम नारायण पाण्डेय सम्मान से सम्मानित किया गया।
पुस्तक के संपादक राजेश विक्रांत ने पुस्तक की रचना-प्रक्रिया साझा करने से पूर्व आजमगढ़ की साहित्यिक उर्वरा भूमि को नमन किया। उन्होंने कहा कि “अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, श्याम नारायण पाण्डेय, मौलाना शिबली नोमानी और कैफ़ी आज़मी की धरती से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय के जीवन और रचनाकर्म पर देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं संपादकों के लेखों व संस्मरणों से सजी यह पुस्तक सभी को पढ़नी चाहिए और जीवन में सत्कर्मों की खुशबू महसूस करनी चाहिए।”
समारोह के मुख्य वक्ताओं में बरुण कुमार पाण्डेय, मंगलदेव तिवारी ‘राज’, संतोष कुमार सिंह तथा डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी शामिल रहे। आभार प्रदर्शन करते हुए डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि “लेखन, शिक्षा और व्यवहार में भारतीय परंपराओं को शामिल कर देश का रचनात्मक पुनर्निर्माण किया जा सकता है।”
इसके उपरांत सुप्रसिद्ध कवि, साहित्यकार एवं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. तारकेश्वर मिश्र ‘जिज्ञासु’ के संचालन में काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें अनुपम पाण्डेय ‘अनहद’, रवि प्रकाश, महेंद्र मृदुल, आदित्य आजमी, महेंद्र मौर्य, सतेंद्र गौतम, संजय कुमार ‘स्नेही’, संदीप गांधी ‘नेहाल’, रोहित राही, घनश्याम यादव, कौशल किशोर राय, राकेश पाण्डेय ‘सागर’ सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया।
