■ ‘माटी 9 पूर्वांचल महोत्सव’ में मुख्यमंत्री भी पहुंचे
■ दिखी परंपरा और लोककला की झलक

● मुंबई
भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने वाला ‘माटी 9 पूर्वांचल महोत्सव’ मुंबई के सांताक्रूज़ स्थित कालीना कैंपस में उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र और पूर्वांचल ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, ‘माटी – ए पब्लिक ट्रस्ट’ और मुंबई विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार, सांसद जगदंबिका पाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई में ‘मिनी पूर्वांचल’ बसा हुआ है, जहां कई पीढ़ियों से पूर्वांचल के लोग रहकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज रहे हैं। उन्होंने काशी-वाराणसी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र है।
मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल की लोककलाओं बिरहा, नौटंकी और चैती के साथ-साथ वहां के संगीत घरानों और बाटी-चोखा, सत्तू पराठा और बनारसी व्यंजनों का महत्व बताया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि ऐतिहासिक शहरों से जुड़ा पूर्वांचल ‘वीरों की भूमि’ के रूप में भी जाना जाता है।
महोत्सव के संयोजक आसिफ आजमी ने बताया कि पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने भोजपुरी और मराठी लोकगीतों की प्रस्तुति दी, वहीं काशी के घाटों पर आधारित साहित्यिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
