
● मुंबई
मानसून से पहले हर वर्ष की तरह इस बार भी बृहनमुम्बई म्युनिसिपल कारपोरेशन ने नालों की सफाई अभियान शुरू किया, लेकिन सफाई के दौरान जो नजारे सामने आए, उन्होंने अधिकारियों को भी चौंका दिया। सामान्य तौर पर नालों से प्लास्टिक, कीचड़ और घरेलू कचरा निकलता है, मगर इस बार भारी-भरकम घरेलू सामान और वाहन तक बरामद हुए।
सफाई अभियान के दौरान नालों से सोफा, फ्रिज, गद्दे, बेड और टेबल जैसी वस्तुएं निकाली गईं। सबसे अधिक हैरानी तब हुई जब एक नाले के भीतर से पूरा ऑटो रिक्शा और पुलिस का बैरिकेड भी मिला। अधिकारियों के अनुसार, यह सामान साकी नाका, कुर्ला, गोवंडी और मानखुर्द इलाके के नालों से बाहर निकाला गया।
बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर नालों का पानी हरे रंग का और रासायनिक तत्वों से प्रभावित दिखाई दिया। इससे आशंका जताई जा रही है कि कुछ स्थानों पर औद्योगिक कचरा भी सीधे नालों में डाला जा रहा है, जो पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
हर वर्ष बारिश से पहले नालों की सफाई इसलिए की जाती है ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति को रोका जा सके। लेकिन नालों में इस तरह भारी सामान और कचरा फेंकने से सफाई कार्य प्रभावित होता है और बरसात के दौरान शहर में जलभराव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
अधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग नालों को कचरा फेंकने का आसान माध्यम समझ रहे हैं। यदि इस प्रवृत्ति पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले मानसून में मुंबई को जलभराव, दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
