
● मुंबई
राज्य में चल रही पुरानी सीएनजी और पेट्रोल ऑटो रिक्शाओं को अब इलेक्ट्रिक (ई वी ) में बदलने की दिशा में सरकार ने सकारात्मक कदम उठाया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने संकेत दिए हैं कि रिक्शा चालकों को इस बदलाव के लिए आसान और किफायती विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि चालकों को एकमुश्त बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। करीब 2 लाख रुपए की लागत वाले रेट्रोफिटिंग किट और चार्जिंग खर्च के लिए रोज़ाना किस्त (डेली पेमेंट) का विकल्प दिया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम आय वर्ग के ड्राइवर भी आसानी से अपनी पुरानी रिक्शा को इलेक्ट्रिक में बदल सकेंगे।
इलेक्ट्रिक रिक्शा में बदलाव करने से ड्राइवरों को हर साल 55 हजार से 75 हजार रुपए तक की बचत हो सकती है, क्योंकि पेट्रोल और सीएनजी का खर्च खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, बैटरी पर लगभग 5 साल की वारंटी मिलेगी और एक बार चार्ज करने पर रिक्शा करीब 140 किलोमीटर तक चल सकेगी।
सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम कर रही है।
महानगर गैस लिमिटेड की जगहों का उपयोग चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे ड्राइवरों को आसानी से चार्जिंग सुविधा मिल सके। पहले चरण में मुंबई, पुणे, नासिक और नागपुर जैसे शहरों में लगभग 2 लाख रिक्शाओं को इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
