■ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रथम सम्मान प्रदान करने हेतु ब्रह्मराष्ट्र एकम् ने भेजा औपचारिक निवेदन

● विनीत त्रिपाठी@वाराणसी
आस्था, अध्यात्म, संस्कृति और सनातन चेतना की राजधानी काशी में आगामी 26 मई 2026, मंगलवार को अस्सी घाट पर आयोजित होने जा रहे भव्य ‘माँ गंगा प्राकट्य उत्सव (गंगा दशहरा)’ को लेकर पूरे काशी क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण व्याप्त है। ‘ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास’, काशी एवं श्रीकुल पीठ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में इस वर्ष अनेक विशेष आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय घोषणाएँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
पूज्य श्री श्री 1008 डॉ. सचिन्द्र नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर श्रीकुल पीठ ने बताया कि गंगा दशहरा केवल एक पर्व नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की आत्मा और मानवता के कल्याण का प्रतीक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन राजा भगीरथ की तपस्या से माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं और भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण कर समस्त सृष्टि का कल्याण किया था।
उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान, दान, जप, तप, सेवा और पुण्य कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है। सनातन मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से माँ गंगा का पूजन एवं दान करने से मनुष्य के पापों का शमन होता है तथा परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालु इस महोत्सव में सहभागिता करते आ रहे हैं।
इस वर्ष कार्यक्रम में 56 परिवारों द्वारा माँ गंगा को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे, वहीं देश के लगभग 12 राज्यों से आई 5100 साड़ियों से माँ गंगा को चुनरी अर्पण किया जाएगा। साथ ही 501 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक, भव्य गंगा आरती, सांस्कृतिक संध्या, शास्त्रीय प्रस्तुतियाँ एवं छात्र-छात्राओं हेतु रंगोली, चित्रकला, शास्त्रीय नृत्य एवं भजन-गायन प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी, जिससे युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों से जोड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहेगा कि गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंच से यह औपचारिक घोषणा की जाएगी कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं काशी के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी को पहली बार काशी की जनता एवं ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ द्वारा ‘गंगा भगीरथ विश्वगुरु काशी सम्मान’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
पूज्य महाराज जी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा माँ गंगा, काशी और सनातन संस्कृति के संरक्षण, काशी के आध्यात्मिक पुनरुत्थान, विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, घाटों के विकास तथा भारत की सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक मंच पर स्थापित करने हेतु किए गए कार्यों को देखते हुए यह सम्मान उन्हें समर्पित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय तथा नई दिल्ली स्थित कार्यालय को औपचारिक सूचना पत्र भेज दिया गया है। संगठन द्वारा निवेदन किया गया है कि प्रधानमंत्री जी जब समय प्रदान करें, तब ब्रह्मराष्ट्र एकम् का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर उन्हें यह सम्मान अर्पित कर सकता है अथवा उनके आगामी काशी आगमन पर यह सम्मान भव्य रूप से प्रदान किया जा सकता है।
पूज्य महाराज जी ने समस्त काशीवासियों, श्रद्धालुओं, युवाओं एवं मातृशक्ति से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर माँ गंगा की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया।
