
● मुंबई
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में एक और महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एन एच एस आर सी एल) ने घणसोली के पास सावली क्षेत्र में दूसरी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का कटरहेड सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस परियोजना का सबसे खास पहलू 21 किलोमीटर लंबी सुरंग है, जिसमें 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे बनाया जाएगा। यह भारत की पहली अंडरसी रेल सुरंग होगी और देश के बुनियादी ढांचे में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
यह प्रक्रिया टीबीएम की मुख्य असेंबली का अंतिम चरण मानी जाती है। अब मशीन को पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, दोनों टीबीएम का परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद जुलाई के पहले सप्ताह से सुरंग की खुदाई शुरू कर दी जाएगी। दूसरी टीबीएम सावली से विक्रोली की ओर सुरंग बनाएगी, जबकि पहली टीबीएम का कटरहेड पहले ही विक्रोली में स्थापित किया जा चुका है।
यह अत्याधुनिक मशीनें 95 मीटर से अधिक लंबी और 3000 टन से अधिक वजन वाली हैं। इनमें 84 कटर डिस्क, 124 स्क्रेपर और 16 बकेट लिप्स लगे हैं, जो खुदाई और मलबा हटाने में मदद करते हैं। ये मशीनें एक ही सुरंग में अप और डाउन दोनों रेल लाइनों के लिए जगह तैयार करेंगी।
