■ फर्जी उपस्थिति पर लगेगी रोक

● मुंबई
महाराष्ट्र सरकार राज्य के जूनियर कॉलेजों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की योजना पर गंभीरता से मंथन चल रहा है।
डायरेक्टरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी) ने इस संबंध में सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार, राज्यभर के 9 हजार से अधिक जूनियर कॉलेजों में बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिससे छात्रों की वास्तविक उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 100 करोड़ रुपए से अधिक खर्च आने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद फर्जी हाजिरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी शिकायतों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा।
हाल के दिनों में नीट पेपर लीक मामले और लातूर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े विवादों के बाद शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे थे। इन घटनाओं के बाद सरकार पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का दबाव बढ़ा है। ऐसे में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को शिक्षा क्षेत्र में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
