▪️ मुंबई के बगीचों में बनेगी और बचेगी बिजली

▪️मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब सार्वजनिक उद्यान सिर्फ सैर-सपाटे के लिए ही नहीं बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के केंद्र भी बनेंगे। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बी एम सी ) ने ‘सोलर ट्री’ पहल के तहत शहर के बगीचों को स्मार्ट ग्रीन सेंटर में बदलने की शुरुआत की है।
मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने मुलुंड (पूर्व) स्थित डॉ. चिंतामनराव देशमुख गार्डन में इस परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह पहल शहर के सार्वजनिक स्थलों को नई पहचान देगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस मॉडल को शहर के अन्य उद्यानों में भी लागू किया जाएगा।
इस परियोजना के तहत मुलुंड, जोगेश्वरी के शिल्पग्राम गार्डन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रिक्रिएशन ग्राउंड में सोलर ट्री लगाए गए हैं। साथ ही शिल्पग्राम गार्डन में एक सोलर गज़ेबो भी स्थापित किया गया है। इन सभी इंस्टॉलेशन की कुल क्षमता लगभग 69.3 किलोवाट है, जिससे हर साल करीब 1.24 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है।
इस तकनीक से सालाना लगभग 82,000 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। ‘सोलर ट्री’ न केवल ऊर्जा उत्पादन करेंगे, बल्कि अपने आकर्षक डिजाइन से बगीचों की सुंदरता भी बढ़ाएंगे।
