
▪️ नई दिल्ली
केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने WhatsApp Web और WhatsApp Desktop इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार साइबर अपराधी बड़े पैमाने पर मैलवेयर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कंप्यूटर का नियंत्रण हैकर्स के हाथ में जा सकता है और संवेदनशील जानकारी चोरी होने का खतरा बढ़ सकता है।
CERT-In ने बताया कि हमलावर पहले किसी विश्वसनीय व्यक्ति के WhatsApp खाते से समझौता कर लेते हैं। इसके बाद उसी खाते से संपर्क सूची में मौजूद लोगों को फर्जी दस्तावेज़ या VBScript फ़ाइलें भेजी जाती हैं। अनजाने में इन फ़ाइलों को खोलते ही मैलवेयर सिस्टम में इंस्टॉल हो सकता है और हैकर्स को दूर से कंप्यूटर तक पहुंच मिल सकती है।
एजेंसी ने सलाह दी है कि किसी भी अनपेक्षित अटैचमेंट या फ़ाइल को, चाहे वह परिचित व्यक्ति से ही क्यों न आई हो, बिना पुष्टि किए न खोलें। संदिग्ध संदेश मिलने पर पहले भेजने वाले से अलग माध्यम से संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। साथ ही सिस्टम और एंटीवायरस को अपडेट रखें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से ही सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करें।
CERT-In का कहना है कि थोड़ी-सी सतर्कता अपनाकर इस तरह के साइबर हमलों से बचा जा सकता है। विशेष रूप से कार्यालयों और संस्थानों में WhatsApp Web या Desktop का उपयोग करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
