
▪️लंदन
यूरोप इन दिनों इतिहास की सबसे भीषण गर्मी की लहर से जूझ रहा है। फ्रांस और जर्मनी सहित कई देशों में तापमान असामान्य रूप से बढ़ गया है, जिससे अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस खतरनाक स्थिति के पीछे एक विशेष मौसमीय पैटर्न ‘ओमेगा ब्लॉक’ जिम्मेदार है, जिसने पूरे क्षेत्र को गर्मी के जाल में फंसा दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ‘ओमेगा ब्लॉक’ वायुमंडल में बनने वाला एक स्थिर उच्च दबाव का पैटर्न होता है, जिसका आकार ग्रीक अक्षर Ω जैसा दिखाई देता है। इसमें बीच में एक मजबूत हाई प्रेशर सिस्टम बन जाता है, जबकि दोनों ओर लो प्रेशर क्षेत्र होते हैं। यह संरचना जेट स्ट्रीम को बाधित कर देती है, जिससे मौसम प्रणाली आगे नहीं बढ़ पाती और गर्म हवा लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में फंसी रहती है।

इसी वजह से फ्रांस, जर्मनी और आसपास के देशों में लगातार लू और अत्यधिक तापमान की स्थिति बनी हुई है। कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है, बिजली की खपत चरम पर है और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे ओमेगा ब्लॉक की घटनाएं अधिक तीव्र और बार-बार हो सकती हैं, जिससे भविष्य में गर्मी की लहरें और अधिक जानलेवा साबित हो सकती हैं।
फिलहाल यूरोपीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और मौसम के सामान्य होने में समय लग सकता है।
