
▪️ मुंबई
1 जुलाई 2026 से देशभर में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक नियमों में बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों, करदाताओं और बैंक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ये बदलाव टैक्स व्यवस्था से लेकर आधार, पासपोर्ट और बैंकिंग सेवाओं तक फैले हुए हैं।
सबसे पहले आयकर रिटर्न (ITR) से जुड़े नियमों में स्पष्टता लाई गई है। ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है। समय पर रिटर्न दाखिल न करने पर जुर्माने का भी प्रावधान रहेगा, जिससे करदाताओं को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।

आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं में भी बदलाव देखने को मिलेगा। अब कुछ अपडेट जैसे ईमेल आईडी अपडेट की सुविधा सीमित अवधि तक निशुल्क रखी गई है, जिसके बाद शुल्क लागू हो सकता है। सरकार डिजिटल पहचान प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए भी नए नियम लागू किए जा रहे हैं। SBI और HDFC जैसे बैंकों के क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड और एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस नियमों में बदलाव किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों की सुविधाओं की शर्तें बदलेंगी।

पासपोर्ट सेवा से जुड़ी फीस में वृद्धि की भी जानकारी सामने आई है। नए आवेदकों को अब पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना पड़ सकता है, जिससे पासपोर्ट प्रक्रिया की लागत बढ़ेगी।
इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों में वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री (mis-selling) को रोकने के लिए नए सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य ग्राहकों को अनावश्यक या गलत वित्तीय उत्पादों से बचाना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
