
▪️ मुंबई
व्हाट्सऐप अपने यूज़र्स की प्राइवेसी को और मजबूत बनाने के लिए एक अहम बदलाव लेकर आ रहा है, जिसके तहत अब लोगों को चैट करने के लिए मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह यूज़र अपना एक यूनिक यूज़रनेम इस्तेमाल कर सकेंगे। यह फीचर फिलहाल धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है और कुछ यूज़र्स के लिए यूज़रनेम रिज़र्व करने की सुविधा शुरू हो चुकी है।
- कैसे काम करेगा नया फीचर?
इस नए सिस्टम में हर यूज़र को एक अलग और यूनिक यूज़रनेम चुनना होगा। कोई भी व्यक्ति उस यूज़रनेम के जरिए आपको खोजकर चैट शुरू कर सकेगा, बिना आपका फोन नंबर देखे। यह बदलाव व्हाट्सऐप को टेलीग्राम और अन्य आधुनिक मैसेजिंग ऐप्स की तरह अधिक प्राइवेसी-फोकस्ड बना देगा।
- प्राइवेसी में बड़ा सुधार
- इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब अनजान लोगों या बिज़नेस से बात करते समय भी आपका निजी नंबर सुरक्षित रहेगा। यानी अब हर जगह नंबर साझा करने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। पहले मैसेज में भी आपका नंबर नहीं दिखेगा, उसकी जगह यूज़रनेम दिखाई देगा।

- यूजरनेम के नियम
- पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रिज़र्व होगा
- आपत्तिजनक या गलत नाम स्वीकार नहीं होंगे
- भविष्य में यूज़रनेम बदलने का विकल्प भी मिल सकता है
- Username Key से अतिरिक्त सुरक्षा
व्हाट्सऐप एक अतिरिक्त सुरक्षा लेयर भी जोड़ रहा है जिसे Username Key कहा जा रहा है। इसके जरिए कोई भी अनजान व्यक्ति आपको तभी मैसेज कर पाएगा जब उसके पास सही Key होगी। इससे स्पैम और अनचाही बातचीत पर रोक लगेगी।
- क्यों है यह बदलाव अहम?
यह अपडेट व्हाट्सऐप की अब तक की सबसे बड़ी प्राइवेसी अपग्रेड्स में से एक माना जा रहा है, क्योंकि इससे यूज़र्स को अपनी डिजिटल पहचान पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और फोन नंबर लीक होने का खतरा काफी कम हो जाएगा।
