- लोकल ट्रेनें प्रभावित, कई इलाकों में जलभराव; पवई झील भी हुई लबालब

मुंबई। मुंबई में मानसून ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। शहर में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज होने के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और इसका असर सड़क तथा रेल यातायात पर साफ दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 4 जुलाई तक मुंबई, उपनगरों तथा महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए प्रशासन, आपदा प्रबंधन तंत्र और रेलवे को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार हो रही बारिश से अंधेरी सबवे सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई। समुद्र में चार मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठने और हाई टाइड की चेतावनी के कारण प्रशासन ने नागरिकों से समुद्र तटों से दूर रहने तथा अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

बारिश का सबसे अधिक असर मुंबई की लोकल रेल सेवा पर पड़ा। वेस्टर्न, सेंट्रल और हार्बर तीनों रेल मार्गों पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। हार्बर लाइन पर नेरुल और वाशी के बीच ओवरहेड विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आने से सेवाएं आधे घंटे से अधिक समय तक बाधित रहीं। वहीं वेस्टर्न रेलवे पर जलभराव के कारण कई लोकल ट्रेनें 20 से 25 मिनट और सेंट्रल रेलवे पर 15 से 20 मिनट की देरी से चलीं।
बोरीवली स्टेशन पर एक एसी लोकल के स्वचालित दरवाजे अत्यधिक भीड़ के कारण बंद नहीं हो सके, जिससे कुछ समय के लिए परिचालन प्रभावित हुआ। रेलवे ने तकनीकी टीमों की मदद से ओएचई की मरम्मत और जलनिकासी का कार्य तेज किया, जिसके बाद सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं।

इस बीच मंगलवार सुबह लगभग 5:30 बजे पवई झील भी ओवरफ्लो हो गई। 545 करोड़ लीटर जलधारण क्षमता वाली यह झील मुख्य रूप से औद्योगिक उपयोग के लिए पानी उपलब्ध कराती है। जून में सामान्य से कम बारिश के बाद जुलाई के पहले सप्ताह की तेज वर्षा से वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों से तत्काल संपर्क करने की अपील की है।यदि चाहें, इसे 250–300 शब्दों के अखबार की शैली में भी संक्षिप्त किया जा सकता है।
