▪️ 24 घंटे में 13 मौतें, मुंबई–पुणे सहित कई जिलों में बाढ़, स्कूल-कॉलेज को छुट्टी
▪️नासिक में बादल फटने की आशंका, निजी कंपनियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के निर्देश

•मुंबई
महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान वर्षा से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। राज्यभर में 62 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 4 पूरी तरह ध्वस्त और 3 पक्के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में 8 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी किया है।

मुंबई में 105 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 161 मिमी, पश्चिमी उपनगरों में 159 मिमी तथा लोणावला में 625 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से मुंबई, पुणे, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। पुणे जिले के मावल तालुका के पाटन गांव में भूस्खलन से एक मकान दब गया, जिसमें 3 से 4 लोगों के फंसे होने की आशंका है। एनडीआरएफ राहत एवं बचाव अभियान चला रही है। घोरावाड़ी में बाढ़ में फंसी एक बस से 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

मुंबई के मानखुर्द में इमारत गिरने की घटना में 6 लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ। रायगढ़ जिले के अमनोरी गांव में बाढ़ में फंसे एक ही परिवार के पांच सदस्यों को बचाव दल ने सुरक्षित निकाल लिया।

भारी बारिश का सबसे अधिक असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ा है। मुंबई-गोवा हाईवे के कशेडी घाट, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, पुराने मुंबई-पुणे मार्ग तथा कई रेल मार्गों पर भूस्खलन और जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ है। खोपोली में जलभराव के कारण यातायात ठप हो गया है, जबकि मंकी हिल और ठाकुरवाड़ी के बीच रेल सेवाएं बाधित हैं। वरंधा घाट में कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़क बंद करनी पड़ी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सभी आपातकालीन एजेंसियों को 24 घंटे युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निजी कंपनियों से कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू करने को कहा है। वहीं, नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा तथा बादल फटने जैसी स्थिति की आशंका को देखते हुए पर्यटकों को फिलहाल इन क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
