
▪️ मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों और किशोरों में एनर्जी ड्रिंक्स की बढ़ती खपत पर लगाम कसने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में ‘स्टिंग’ सहित एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। सरकार जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी और नियमों के कड़ाई से पालन के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू करेगी।
विधानसभा में खाद्य मंत्री नरहरी झिरवाल ने कहा कि विद्यार्थियों में एनर्जी ड्रिंक्स का बढ़ता प्रचलन चिंता का विषय है। इन पेयों में कैफीन और शर्करा की अधिक मात्रा बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इससे अनिद्रा, बेचैनी, हृदय गति में असामान्यता तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, स्कूलों के आसपास स्थित दुकानों में ‘स्टिंग’ और अन्य एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। इसके लिए संबंधित विभागों को विशेष परिपत्र जारी किया जाएगा तथा नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उधर, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (फस्साई) ने भी एनर्जी ड्रिंक्स को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। भ्रामक विज्ञापन और गलत दावों के मामले में कई कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार का मानना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
