▪️ कैसे बचें इस खतरनाक धोखाधड़ी से?

▪️मुंबई
साइबर अपराधी अब लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अपने काले धन को इधर-उधर भेजने के लिए कर रहे हैं। इस तरह के खातों को ‘मनी म्यूल’ (Money Mule) या ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ कहा जाता है। कई बार खाते का मालिक यह भी नहीं जानता कि उसका बैंक खाता किसी बड़े साइबर अपराध का हिस्सा बन चुका है। ऐसे मामलों में निर्दोष व्यक्ति भी पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
साइबर ठग सोशल मीडिया, फर्जी जॉब ऑफर, वर्क फ्रॉम होम, निवेश योजनाओं या आसान कमाई का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। वे खाते में कुछ रकम मंगवाकर उसे दूसरे खाते में भेजने के लिए कहते हैं और बदले में कमीशन देने का वादा करते हैं। कई मामलों में लोग अपना एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग या यूपीआई की जानकारी भी दूसरों को सौंप देते हैं। यही सबसे बड़ी भूल साबित होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि आपके खाते से साइबर अपराध की रकम का लेन-देन होता है, तो बैंक आपका खाता फ्रीज कर सकता है। पुलिस पूछताछ, लंबी जांच और कानूनी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है, भले ही आपने अनजाने में ऐसा किया हो।
- कैसे रहें सुरक्षित?
- किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, यूपीआई या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी न दें।
- ‘आसान कमाई’ या ‘कमीशन’ वाले ऑनलाइन प्रस्तावों से सतर्क रहें।
- यदि आपके खाते में किसी अज्ञात व्यक्ति से अचानक पैसे आ जाएं, तो उन्हें आगे ट्रांसफर न करें। तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें।
- बैंक खाते में होने वाले प्रत्येक लेन-देन पर नियमित नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।
देशभर में साइबर अपराधों में मनी म्यूल खातों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हाल के कई मामलों में हजारों ऐसे खातों का उपयोग करोड़ों रुपए की ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया गया है। इसलिए थोड़े से लालच या लापरवाही की कीमत भारी कानूनी संकट के रूप में चुकानी पड़ सकती है।
