- निकला 39 करोड़ साल पुराने उल्कापिंड टकराव का संभावित निशान

▪️ टोरंटो
कनाडा में एक आम व्यक्ति की जिज्ञासा ने वैज्ञानिकों को पृथ्वी के करोड़ों वर्ष पुराने इतिहास की नई कड़ी तक पहुंचा दिया है। कैंपिंग ट्रिप की योजना बनाते समय जोएल लैपोइंट नामक व्यक्ति ने Google Maps पर क्यूबेक के एक दूरदराज इलाके में एक विशाल गोलाकार गड्ढेनुमा आकृति देखी। इसकी बनावट असामान्य लगी तो उन्होंने इसकी जानकारी वैज्ञानिकों को दी। शुरुआती जांच के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि यह लगभग 39 करोड़ वर्ष पहले पृथ्वी से टकराए एक विशाल उल्कापिंड का प्रभाव स्थल हो सकता है।
लैपोइंट की सूचना मिलने के बाद भूवैज्ञानिकों और ग्रह विज्ञान विशेषज्ञों की एक टीम ने घटनास्थल का सर्वेक्षण किया। दुर्गम इलाके में किए गए अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों को ऐसे कई भूवैज्ञानिक संकेत मिले, जो किसी प्राचीन उल्कापिंड के टकराव की संभावना को मजबूत करते हैं। हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए अभी और परीक्षण तथा विश्लेषण किए जाएंगे।
इस शोध का नेतृत्व ग्रह वैज्ञानिक गॉर्डन ओसिंस्की की टीम कर रही है। उनका कहना है कि यदि यह स्थल वास्तव में उल्कापिंड के टकराव से बना क्रेटर साबित होता है, तो यह पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास और अंतरिक्षीय टक्करों के अध्ययन में महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे यह भी समझने में मदद मिलेगी कि करोड़ों वर्ष पहले ऐसे प्रभावों ने पृथ्वी की सतह और पर्यावरण को किस प्रकार प्रभावित किया था।
शोधकर्ताओं के अनुसार इस खोज के विस्तृत निष्कर्ष अगले महीने आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में प्रस्तुत किए जाएंगे। यह घटना इस बात का भी उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और आम लोगों की सतर्क नजरें मिलकर विज्ञान की दुनिया में बड़ी खोजों का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।
