▪️ चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
- मुंबई। केंद्रीय चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की अवधि आठ दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद यह फैसला लिया गया है। लगातार बारिश, दस्तावेजों के सत्यापन में आ रही कठिनाइयों और अभियान की जटिल प्रक्रिया को देखते हुए अतिरिक्त समय देने की मांग की जा रही थी।

बताया गया है कि केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी एसआईआर प्रक्रिया के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए विभिन्न चरणों की नई समय-सीमा तय की है। दिल्ली में भी अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तिथि आगे बढ़ा दी गई है और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को घर-घर जाकर सत्यापन पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद सदस्य सतेज पाटील ने कहा था कि इतनी व्यापक प्रक्रिया के लिए एक महीने का समय पर्याप्त नहीं है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील ने भी चुनाव आयोग से समय बढ़ाने का आग्रह करने की बात कही थी।
इस बीच शिक्षकों पर एसआईआर कार्य का अतिरिक्त बोझ भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि विद्यालयों के नियमित शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हों, इसलिए मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम अन्य विभागों के कर्मचारियों या अलग से नियुक्त कर्मियों को सौंपा जाए। कुछ स्थानों पर शिक्षकों ने प्रशिक्षण में भी भाग नहीं लिया, जिससे इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है।
