
▪️मुंबई
बाथरूम की सफाई केवल टॉयलेट सीट और बाउल तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि टॉयलेट के आधार, आसपास की फर्श और किनारों पर नमी, बैक्टीरिया, हार्ड वॉटर के दाग और दुर्गंध पैदा करने वाले तत्व तेजी से जमा होते हैं। इन्हें साफ रखने के लिए सफेद सिरका (व्हाइट विनेगर) एक प्रभावी, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल घरेलू उपाय माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सफेद सिरके में मौजूद हल्का एसिटिक एसिड चूने की परत, साबुन के अवशेष और जिद्दी दागों को ढीला करने में मदद करता है। इसके नियमित उपयोग से टॉयलेट के आसपास की दुर्गंध भी कम होती है और बैक्टीरिया की संख्या घट सकती है। हालांकि, यह अस्पताल-स्तर के कीटाणुनाशकों का विकल्प नहीं है, लेकिन नियमित घरेलू सफाई के लिए इसे उपयोगी माना जाता है।
इसका उपयोग करना भी बेहद आसान है। एक स्प्रे बोतल में सफेद सिरका भरकर टॉयलेट के आधार, किनारों और आसपास की फर्श पर छिड़क दें। इसे 10 से 15 मिनट तक छोड़ने के बाद ब्रश, स्पंज या कपड़े से अच्छी तरह साफ कर लें। बेहतर परिणाम के लिए सप्ताह में एक या दो बार यह प्रक्रिया दोहराई जा सकती है।
हालांकि, विशेषज्ञ कुछ सावधानियां बरतने की भी सलाह देते हैं। सिरके को कभी भी ब्लीच, अमोनिया या अन्य रासायनिक क्लीनर के साथ मिलाकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे हानिकारक गैस बन सकती है। साथ ही, संगमरमर, प्राकृतिक ग्रेनाइट और अन्य प्राकृतिक पत्थरों की सतह पर सिरके का उपयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसकी अम्लीय प्रकृति इन सतहों को नुकसान पहुंचा सकती है।
यदि सही तरीके और आवश्यक सावधानियों के साथ सिरके का उपयोग किया जाए, तो यह बाथरूम को साफ, ताज़ा और दुर्गंधमुक्त रखने का एक सरल एवं किफायती उपाय साबित हो सकता है।
