- ईंधन चुनने की आजादी’ की मांग
- सोशल मीडिया पर शुरू हुई नई मुहिम

▪️मुंबई
देश में E20 पेट्रोल को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। अब सोशल मीडिया पर ‘E20 जनता पार्टी’ नाम से एक नया अभियान शुरू हुआ है, जो सरकार से मांग कर रहा है कि उपभोक्ताओं को E20 पेट्रोल के साथ-साथ 100 प्रतिशत शुद्ध (इथेनॉल-रहित) पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी दिया जाए। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य E20 का विरोध करना नहीं, बल्कि ग्राहकों को अपनी जरूरत और वाहन की अनुकूलता के अनुसार ईंधन चुनने का अधिकार दिलाना है।
अभियान के समर्थकों का तर्क है कि जिस तरह अन्य उत्पादों में कई विकल्प उपलब्ध होते हैं, उसी तरह पेट्रोल पंपों पर भी अलग-अलग प्रकार के ईंधन उपलब्ध होने चाहिए। उनका कहना है कि सभी ईंधनों की स्पष्ट लेबलिंग की जाए, उनके प्रभावों पर स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन कराए जाएं और उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
इस अभियान में E20 पेट्रोल को लेकर कुछ उपभोक्ताओं की चिंताओं को भी उठाया गया है। इनमें माइलेज में कमी, इंजन के प्रदर्शन पर असर, रखरखाव की लागत और वाहन की लंबी उम्र से जुड़े सवाल शामिल हैं। हालांकि, इन दावों पर सरकार का कहना है कि E20 से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने के प्रमाणित साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि फिलहाल नियमित पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। सरकार का मानना है कि इथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी।
‘E20 जनता पार्टी’ की यह पहल पूरी तरह डिजिटल अभियान के रूप में चल रही है और इसकी तुलना पहले चर्चा में रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान से भी की जा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उपभोक्ताओं की पसंद और सरकार की ईंधन नीति के बीच एक नई बहस को जन्म दे सकता है।
