
▪️मुंबई
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार के खिलाफ महाराष्ट्र साइबर ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। एजेंसी ने जांच के दौरान 500 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल अफवाहें फैलाने, लोगों को भड़काने और सामाजिक अशांति पैदा करने के लिए किया जा रहा था। जांच में कुछ प्रोफाइलों के तार पाकिस्तान और पश्चिम एशिया के देशों से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं।
महाराष्ट्र साइबर की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर आंदोलन से संबंधित कई तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किए गए थे। इनमें डीपफेक वीडियो, मॉर्फ की गई तस्वीरें और फर्जी आवाजों का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई।
एजेंसी ने ओपन सोर्स इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकों की सहायता से इंस्टाग्राम, एक्स, फेसबुक और यूट्यूब सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 429 आपत्तिजनक पोस्ट और हैंडल की पहचान की। इनमें 140 से अधिक पोस्ट ऐसे पाए गए, जिनमें AI आधारित छेड़छाड़ कर भ्रामक सामग्री तैयार की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 100 सोशल मीडिया अकाउंट भारत के बाहर से संचालित किए जा रहे थे। इन खातों के जरिए आंदोलन को लेकर गलत सूचनाएं और उकसाने वाली सामग्री प्रसारित की जा रही थी। महाराष्ट्र साइबर ने संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसी सामग्री हटाने और खातों को ब्लॉक करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
