
▪️मुंबई
सरकार जल्द ही राज्य में नई एंबुलेंस नीति लागू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज बनाना है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत राज्य की सभी एंबुलेंस को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे प्रत्येक एंबुलेंस की लोकेशन, उपलब्धता और प्रतिक्रिया समय पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।
फिलहाल राज्य में 108 आपातकालीन सेवा के अंतर्गत 1,076 एंबुलेंस संचालित हैं, जबकि निजी और अन्य संस्थाओं की लगभग 5,000 एंबुलेंस भी सेवाएं दे रही हैं। नई नीति लागू होने के बाद नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने सबसे नजदीकी एंबुलेंस की जानकारी, उसके पहुंचने का अनुमानित समय और किराया पहले ही देख सकेंगे।
सरकार एंबुलेंस किराए में मनमानी रोकने के लिए निर्धारित दरपत्रक लागू करेगी। हर यात्रा की ई-रसीद जारी करना अनिवार्य होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। इसके अलावा, परिवहन विभाग (आरटीओ) और स्वास्थ्य विभाग को रियल-टाइम डैशबोर्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके जरिए एंबुलेंस सेवाओं की लगातार निगरानी की जा सकेगी।
नई नीति में आम लोगों के लिए प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) संबंधी मार्गदर्शन की व्यवस्था भी होगी, ताकि एंबुलेंस पहुंचने से पहले जरूरतमंद मरीज को प्रारंभिक सहायता मिल सके। सरकार का लक्ष्य पूरे राज्य में हर नागरिक को समय पर, विश्वसनीय और जवाबदेह एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराना है।
