
▪️मुंबई
महानगरों की सड़कों पर रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से परेशान यात्रियों के लिए आने वाले वर्षों में परिवहन का एक नया विकल्प सामने आ सकता है। केंद्र सरकार शहरी यातायात को जमीन से आसमान तक ले जाने की दिशा में तेजी से तैयारी कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी यानी ई-वर्टिकल विमान 2028 तक परिचालन में आ सकते हैं।
ई-वर्टिकल यानी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग विमान हेलीकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उड़ान भरने और नीचे उतरने में सक्षम होंगे। इसके लिए पारंपरिक विमानों की तरह लंबे रनवे की जरूरत नहीं होगी। शहरों में बनाए जाने वाले छोटे हवाई केंद्रों, जिन्हें ‘वर्टिपोर्ट’ कहा जाता है, से इनका संचालन किया जा सकेगा।
इस तकनीक के अमल में आने के बाद मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे ट्रैफिक से जूझने वाले महानगरों में लंबी दूरी का सफर काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। खासकर एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला घंटों का समय घटकर महज 20 से 30 मिनट तक आने की उम्मीद है।
सरकार इस नई परिवहन व्यवस्था के लिए नीतिगत ढांचे, तकनीकी मानकों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर काम कर रही है। हालांकि, फ्लाइंग टैक्सी को जमीन पर उतारने से पहले सुरक्षा मानकों, संचालन की लागत, हवाई यातायात नियंत्रण और वर्टिपोर्ट जैसे बुनियादी ढांचे की उपलब्धता जैसी कई चुनौतियों का समाधान करना होगा।
यदि ये चुनौतियां दूर होती हैं और परियोजना सफल रहती है, तो भारत के महानगरों में आने-जाने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। फ्लाइंग टैक्सी भविष्य के स्मार्ट और तेज शहरी परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
