▪️रोजगार, शिक्षा या स्वास्थ्य: CVoter सर्वे में सामने आई युवाओं की सोच

▪️मुंबई
देश की राजनीति में Gen-Z यानी युवा मतदाताओं की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है। राजनीतिक दल इस वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए सोशल मीडिया समेत अलग-अलग माध्यमों का सहारा ले रहे हैं। इसी बीच CVoter के स्नैप पोल ने यह तस्वीर सामने रखी है कि युवा चुनाव के दौरान किन मुद्दों को सबसे अधिक महत्व देते हैं।
सर्वे में 53 प्रतिशत युवाओं ने रोजगार, शिक्षा और हेल्थकेयर को सबसे महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बताया। इसके मुकाबले 13.1 प्रतिशत ने महंगाई, 11.9 प्रतिशत ने भ्रष्टाचार और 8.2 प्रतिशत ने सड़क, बिजली और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता दी। 13.8 प्रतिशत लोगों ने अन्य मुद्दों या ‘पता नहीं’ का विकल्प चुना।
वोट देने का फैसला करते समय भी मुद्दे युवाओं की पहली पसंद नजर आए। सर्वे में 33.3 प्रतिशत Gen-Z ने कहा कि वे उम्मीदवार या पार्टी के बजाय मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। वहीं 20 प्रतिशत ने नेता और 7.7 प्रतिशत ने उम्मीदवार को अधिक महत्व देने की बात कही।
सोशल मीडिया भी राजनीतिक सोच को प्रभावित कर रहा है। 49.7 प्रतिशत युवाओं ने माना कि राजनीतिक राय बनाने में सोशल मीडिया की अहम भूमिका है। हालांकि 24.6 प्रतिशत ने इससे इनकार किया, जबकि 25.7 प्रतिशत इस बारे में स्पष्ट राय नहीं दे सके।
सर्वे का एक और अहम निष्कर्ष यह है कि 58.7 प्रतिशत Gen-Z को लगता है कि राजनीतिक दल उनकी चिंताओं को पर्याप्त रूप से नहीं समझते। केवल 20.7 प्रतिशत युवाओं ने माना कि पार्टियां उनकी समस्याओं को समझती हैं।
जातिगत राजनीति को लेकर भी युवा मतदाताओं की सोच अलग नजर आई। सिर्फ 24.4 प्रतिशत ने अपनी जाति के उम्मीदवार को वोट देने की प्राथमिकता बताई, जबकि 48.2 प्रतिशत ने इससे असहमति जताई।
CVoter का यह स्नैप पोल देशभर में 18 वर्ष से अधिक और 35 वर्ष से कम आयु के लोगों के CATI यानी कंप्यूटर असिस्टेड टेलीफोन इंटरव्यू पर आधारित है।
