
▪️मुंबई
संत निरंकारी मिशन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में ‘मुक्ति पर्व’ का आयोजन कर आंतरिक स्वतंत्रता और ब्रह्मज्ञान का संदेश दिया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि वास्तविक मुक्ति बाहरी बंधनों से नहीं, बल्कि नफरत, अहंकार, छोटी सोच और पूर्वाग्रहों से मुक्त होने में है।
दिल्ली में निरंकारी सरोवर के समक्ष आयोजित मुख्य समारोह में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। सतगुरु ने श्रद्धालुओं से प्रेम, भक्ति और स्वीकार्यता के साथ जीवन जीने का आह्वान किया।
मुंबई महानगर परिक्षेत्र में कुलाबा से विरार, मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पनवेल, डोंबिवली, कल्याण, उल्हासनगर, बदलापुर, भिवंडी और उरण सहित करीब 50 स्थानों पर मुक्ति पर्व समारोह आयोजित हुए। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मुक्ति पर्व की शुरुआत वर्ष 1964 में जगत माता बुद्धवंती जी की स्मृति में हुई थी।
