
▪️ मुंबई
राज्य के बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों के साथ उनके परिजनों की परेशानियां कम करने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धर्मार्थ संस्थाओं और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ रहने, भोजन और जरूरी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराना है।
बड़े अस्पतालों में रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। महंगे उपचार के अलावा बाहर से आने वाले परिजनों के सामने ठहरने और भोजन की समस्या भी रहती है। कई बार उचित मार्गदर्शन के अभाव में उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार अब इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी तंत्र, धर्मार्थ अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं को एक साझा व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी कर रही है।
योजना के तहत अस्पतालों के आसपास मरीजों के परिजनों के लिए आश्रय स्थल, रियायती अथवा नि:शुल्क भोजन और चिकित्सा संबंधी मार्गदर्शन की सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। धर्मादाय आयुक्त के नियंत्रण वाले अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को पहले से ही नि:शुल्क या रियायती दरों पर उपचार की सुविधा मिलती है। अब मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष को इस व्यवस्था से जोड़कर पात्र मरीजों तक सरकारी और सामाजिक संस्थाओं की मदद अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जाएगी।
