
▪️नई दिल्ली
देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की संभावना को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि 2028 तक संविधान में जरूरी संशोधन हो जाता है और राज्य सरकारें इसके लिए तैयार होती हैं, तो 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं।
चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्यों को एक साथ चुनाव कराने के लिए निर्देशित नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह उनकी इच्छा और राजनीतिक सहमति पर निर्भर करेगा।
समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि 2028 में संविधान संशोधन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने में कोई बड़ी अड़चन नहीं होनी चाहिए। राज्यों को अपने विधानसभा चुनाव भी उसी समय कराने के लिए विधानसभा भंग करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
इस बीच, संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम भी पेश हुए। उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे भयावह और असंवैधानिक बताया।
इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेदों के बीच अब राज्यों की भूमिका और संविधान संशोधन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
