
▪️सद्वार्ताकार @रवीन्द्र मिश्रा
बेसहारा और परिवार से बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का काम मुंबई का ग्रेस फाउंडेशन कर रहा है। संस्था अब तक देश के विभिन्न राज्यों के 900 से अधिक लोगों को उनके परिवारों तक पहुंचा चुकी है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष शंकर अन्ना के अनुसार, मुंबई सेंट्रल जीआरपी से सूचना मिली थी कि 65 वर्षीय महिला महालक्ष्मी स्टेशन पर भटक रही हैं। टीम उन्हें आश्रम लेकर आई। मानसिक रूप से कमजोर और स्थानीय भाषा से अनजान महिला कुछ समय तक अपना परिचय नहीं दे सकी। उपचार के बाद उसने अपना नाम सरस्वती प्रजापति और खुद को वाराणसी के रामनगर का निवासी बताया। उसने बताया कि उसका बेटा रिक्शा चलाता है।
जांच में पता चला कि नालासोपारा के विलालपाड़ा निवासी विनोद प्रजापति ने अपनी मां की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि सरस्वती बेटे से नाराज थीं और गांव जाने की इच्छा जताई। डॉक्टर की सलाह के बाद स्वस्थ होने पर संस्था की टीम उन्हें कुर्ला टर्मिनस से वाराणसी ले गई और रामनगर में बड़े बेटे अखिलेश प्रजापति के सुपुर्द कर दिया।
