▪️भारत ने मांगी पारदर्शी जांच
- नई दिल्ली। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में 100 साल से अधिक पुराने हिंदू मंदिर को ढहाए जाने की घटना पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने मंदिर को तोड़े जाने की खबरों पर गहरी चिंता जताते हुए इसे अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थल के खिलाफ निंदनीय कार्रवाई बताया है। भारत ने पाकिस्तान सरकार से मामले की तत्काल और पारदर्शी जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

मंदिर नरोवाल के सिराज गांव में स्थित था और इसे 21 अगस्त को गिराए जाने की जानकारी सामने आई है। यह स्थान लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर है। घटना के बाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यक संगठनों और हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी मंदिर के पुनर्निर्माण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
इस मामले में आरोप और सरकारी दावे अलग-अलग हैं। अल्पसंख्यक संगठनों का आरोप है कि मंदिर की जमीन को पास के मदरसे में मिलाने के लिए उसे जानबूझकर निशाना बनाया गया। वहीं पाकिस्तान के इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड का दावा है कि भारी बारिश के कारण मंदिर की संरचना गिर गई।
भारत ने पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता और उनकी सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी याद दिलाई है। विदेश मंत्रालय ने मंदिर को बहाल करने और अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने पर जोर दिया है।
