▪️जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महात्म्य

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों और घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालु दिनभर व्रत रखकर मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण की जन्म पूजा करेंगे। इस वर्ष जन्म पूजा का शुभ मुहूर्त रात 12:14 बजे से 1:01 बजे तक रहेगा, जबकि मध्यरात्रि का विशेष क्षण रात 12:37 बजे होगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। मथुरा के कारागार में देवकी और वसुदेव के यहां जन्मे श्रीकृष्ण ने अत्याचार और अधर्म के अंत का मार्ग प्रशस्त किया। जन्म के बाद वसुदेव उन्हें यमुना पार कर गोकुल ले गए, जहां नंद बाबा और यशोदा के घर उनका पालन-पोषण हुआ।
जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में भगवान का जन्म होने के कारण इस समय पूजा का विशेष महात्म्य माना गया है। श्रद्धालु बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक, नए वस्त्र और आभूषणों से श्रृंगार कर माखन-मिश्री का भोग लगाते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति से की गई श्रीकृष्ण की पूजा से घर में सुख-शांति आती है और भक्तों को भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
