▪️सूर्यकांत उपाध्याय

भगवान गणेश को ‘एकदंत’ भी कहा जाता है। उनके एक दांत के टूटने को लेकर पुराणों और धार्मिक कथाओं में अलग-अलग प्रसंग मिलते हैं। इनमें प्रमुख चार कथाएं इस प्रकार हैं-
- परशुराम जी के फरसे से टूटा दांत
एक बार भगवान विष्णु के अवतार परशुराम जी भगवान शिव से मिलने कैलाश पहुंचे। गणेश जी ने उन्हें द्वार पर रोक दिया और शिवजी से मिलने की अनुमति नहीं दी। इससे परशुराम जी क्रोधित हो गए और उन्होंने गणेश जी को युद्ध की चुनौती दी। दोनों के बीच घोर युद्ध हुआ। इसी दौरान परशुराम जी के फरसे के प्रहार से गणेश जी का एक दांत टूट गया। - कार्तिकेय ने तोड़ा दांत
भविष्य पुराण में एक कथा के अनुसार, बाल्यावस्था में गणेश जी अत्यंत नटखट थे। एक बार उनकी शरारतों से परेशान होकर उनके ज्येष्ठ भाई कार्तिकेय ने उन पर प्रहार कर दिया। इस घटना में गणेश जी का एक दांत टूट गया। कुछ चित्रों में उनके हाथ में यही टूटा हुआ दांत दिखाई देता है। - महाभारत लिखने के लिए स्वयं तोड़ा दांत
एक अन्य कथा के अनुसार, महर्षि वेदव्यास को महाभारत लिखने के लिए एक योग्य लेखक की आवश्यकता थी। उन्होंने भगवान गणेश को चुना। गणेश जी ने शर्त रखी कि वेदव्यास कथा सुनाना बंद नहीं करेंगे। कथा लिखते समय कलम टूट जाने पर गणेश जी ने अपना एक दांत तोड़कर उसे कलम बना लिया और महाभारत का लेखन पूरा किया। - गजमुखासुर के वध में दांत का प्रयोग
एक कथा के अनुसार गजमुखासुर ने कठोर तपस्या कर ऐसा वरदान प्राप्त किया था कि कोई अस्त्र-शस्त्र उसे मार नहीं सकता। उसके अत्याचारों से तीनों लोक भयभीत थे। तब गणेश जी ने उससे युद्ध किया और अपना एक दांत तोड़कर अस्त्र के रूप में प्रयोग किया। भयभीत गजमुखासुर मूषक का रूप धारण कर भागने लगा। गणेश जी ने उसे पकड़ लिया और अपना वाहन बना लिया।
