▪️15 अक्टूबर से 2,000 रुपए से अधिक के चुनिंदा UPI भुगतान पर लागू होगा 0.4 प्रतिशत MDR

- नई दिल्ली। 2,000 रुपए से अधिक के चुनिंदा UPI भुगतान पर 15 अक्टूबर से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से पहले ही व्यापारियों का विरोध सामने आने लगा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कई हिस्सों में व्यापारियों ने बड़े भुगतान के लिए ग्राहकों से नकद भुगतान की मांग शुरू कर दी है।
गाजियाबाद में कुछ दुकानों के बाहर UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने के नोटिस लगाए गए हैं। झांसी में कुछ पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपए से अधिक के पेट्रोल-डीजल भुगतान के लिए UPI स्वीकार नहीं करने की सूचना लगाई गई है। हालांकि स्थानीय पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि संगठन की ओर से ऐसा कोई सामूहिक निर्णय नहीं लिया गया है।
मध्य प्रदेश में 125 व्यापारी संगठनों ने 23 सितंबर को ‘नो-यूपीआई दिवस’ मनाने का फैसला किया है। वहीं, हरियाणा के कुछ पेट्रोल पंपों पर रात के समय UPI स्कैनर की सुविधा सीमित किए जाने की बात सामने आई है।
नए ढांचे के तहत 2,000 रुपए से अधिक के पात्र व्यक्ति-से-व्यापारी UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR प्रस्तावित है। 75,000 रुपए या उससे अधिक के लेनदेन पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए होगी। वहीं, UPI के जरिए महीने में 1 लाख रुपए तक भुगतान लेने वाले छोटे व्यापारियों को इस शुल्क से छूट दी गई है।
व्यापारी संगठनों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क से उनके कारोबार की लागत बढ़ेगी और पहले से सीमित मार्जिन पर दबाव पड़ेगा। दूसरी ओर, सरकार और NPCI के अनुसार सामान्य ग्राहकों पर अतिरिक्त शुल्क नहीं डाला जाएगा और छोटे UPI लेनदेन का बड़ा हिस्सा शुल्क से बाहर रहेगा।
