
▪️नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों के साथ सहमति बनाने की कवायद तेज कर दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर विधेयक पर चर्चा और विपक्ष का सहयोग मांगा है। सरकार ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), वाईएसआर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं से भी संपर्क साधा है।
सरकार की योजना महिला आरक्षण को लागू करने के लिए जरूरी विधायी कदम उठाने की है। इसके तहत संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन (संशोधन) विधेयक और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक संसद में लाए जाने की चर्चा है। इन प्रस्तावों पर राजनीतिक सहमति बनाने के लिए सरकार विभिन्न दलों से बातचीत कर रही है।
रिजिजू ने अपने पत्र में कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से चर्चा के लिए बार-बार प्रयास किए जाने के बावजूद कांग्रेस ने समय नहीं दिया। इसके बाद अन्य विपक्षी दलों से संवाद शुरू किया गया।
केंद्र सरकार ने द्रमुक, समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और बीजू जनता दल सहित कई दलों से संपर्क किया है। इनमें आंध्र प्रदेश के नेता जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस भी शामिल है।
वहीं, खरगे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विधेयक पर आगे बढ़ने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर चुके हैं। ऐसे में महिला आरक्षण विधेयक पर सहमति बनाने की कोशिशों के बीच सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक संवाद तेज होने के संकेत हैं।
