
▪️मुंबई
मीरा रोड स्थित विरूंगला केंद्र, इंदिरा गांधी अस्पताल में स्वर संगम फाउंडेशन की ‘अपने प्रिय लेखक से मिलिए’ श्रृंखला के तहत कथाकार, उपन्यासकार और रेडियो उद्घोषिका ममता सिंह की कहानी ‘आखिरी कांट्रैक्ट’ का पाठ आयोजित किया गया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को प्रभावित किया। कहानी में हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम, विवाह तथा महानगर में घर तलाशने के दौरान सामने आने वाले सांप्रदायिक पूर्वाग्रहों को रेखांकित किया गया।
प्रश्नोत्तर सत्र में विमल चंद पांडेय ने कहानी लेखन, यथार्थ चित्रण, स्मृतियों और रचनात्मक प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए। मिथिलेश प्रियदर्शी ने कहा कि सांप्रदायिकता की शुरुआत दंगों से नहीं, रोजमर्रा के व्यवहार और फैसलों से होती है। ललिता अस्थाना ने समाज के दोहरे चरित्र पर चिंता जताई, जबकि रविंद्र कात्यायन ने कहानी को बहुस्तरीय बताते हुए प्रेम और मानवीयता का संदेश रेखांकित किया।
अध्यक्षीय वक्तव्य में विनोद दास ने मीरा रोड को बौद्धिक केंद्र बताते हुए आयोजन की सराहना की। उन्होंने स्वर संगम फाउंडेशन की टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन संजय भिसे ने किया। फाउंडेशन के सचिव डॉ. हरिप्रसाद राय ने अतिथियों का स्वागत किया और शैलेष सिंह ने आभार व्यक्त किया।
