- मुंबई। भारत में चाय के साथ पारले-जी बिस्कुट खाने का चलन काफी पुराना है। पांच रुपए में मिलने वाला इसका छोटा पैकेट आम आदमी की पहुंच में है, लेकिन अमेरिका में यही बिस्कुट खरीदने के लिए कई गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। आखिर भारत का इतना सस्ता बिस्कुट विदेश में महंगा क्यों हो जाता है?

दरअसल, किसी उत्पाद की कीमत केवल उसके निर्माण पर होने वाले खर्च से तय नहीं होती। भारत में तैयार होने वाले पारले-जी को अमेरिका पहुंचाने के लिए परिवहन और आयात से जुड़े खर्च उठाने पड़ते हैं। इसके अलावा सीमा शुल्क, भंडारण और वितरण की लागत भी अंतिम कीमत में जुड़ सकती है।
अमेरिका में दुकानों का किराया, कर्मचारियों का वेतन और कारोबार चलाने का खर्च भी उत्पाद की कीमत को प्रभावित करता है। आयातक और खुदरा विक्रेता अपना लाभ जोड़कर इसे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। यही वजह है कि भारत में सस्ते दाम पर मिलने वाला बिस्कुट विदेश में महंगा बिक सकता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमेरिका में पारले-जी के छोटे पैकेट की कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 80 से 160 रुपए तक हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कीमत पैकेट के आकार, दुकान और बिक्री के स्थान के अनुसार अलग-अलग होती है।
