▪️ब्रह्मज्ञान की शिक्षाओं को जीवन में उतारना ही सच्ची जागृति : सतगुरु माता सुदीक्षा जी

- मुंबई। हरियाणा के समालखा में आयोजित 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का 26 अक्टूबर को समापन हुआ। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के सान्निध्य में आयोजित इस समागम में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। मुंबई समेत महाराष्ट्र से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की वापसी भी शुरू हो गई है।

समापन अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने कहा कि ब्रह्मज्ञान की सार्थकता उसे विचारों, व्यवहार और कर्मों में अपनाने में है। सच्ची आध्यात्मिक जागृति केवल सत्संग तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर पल में प्रेम, विश्वास, विनम्रता और परमात्मा के प्रति समर्पण बनाए रखने में है।
समागम के दौरान सेवादल रैली, कवि दरबार और आध्यात्मिक प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण रहे। विभिन्न भाषाओं में 80 कवियों ने ‘जागृति’ विषय पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, 120 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस, लंगर और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी समागम में पहुंचकर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का आशीर्वाद लिया। समागम ने प्रेम, सेवा, सद्भाव और मानव एकता का संदेश दिया।
