
• मुंबई
ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन और लैपटॉप चार्ज करने वाले यात्रियों को रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कोचों में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। यह व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन हाल की घटनाओं के बाद रेलवे ने इसकी निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।
यह मामला दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र में एक यात्री के पावर बैंक में चार्जिंग के दौरान विस्फोट होने और धुआं निकलने की घटना के बाद फिर चर्चा में आया है। रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को जारी निर्देश में संबंधित कर्मचारियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस अवधि में चार्जिंग पॉइंट चालू रखने की अनुमति नहीं होगी।
रेलवे में चार्जिंग पॉइंट रात के समय बंद रखने का नियम वर्ष 2014 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य चार्जिंग के दौरान उपकरणों के गर्म होने, बिजली संबंधी खराबी और आग लगने की आशंका को कम करना है। रात में यात्री सो रहे होते हैं, ऐसे में किसी उपकरण से धुआं निकलने या आग लगने पर खतरे का पता देर से चल सकता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने ऐसी घटनाओं की आशंका कम करने के लिए सर्किट ब्रेकर जैसी सुरक्षा प्रणालियों के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। इनके माध्यम से बिजली के प्रवाह में असामान्य स्थिति उत्पन्न होने पर आपूर्ति काटने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ऐसी व्यवस्था रेलवे के मौजूदा नियमों का विकल्प नहीं है और इसके लिए तकनीकी परीक्षण तथा उपयुक्त सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होगा।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे रात की यात्रा से पहले अपने मोबाइल और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज कर लें। रेलवे के इस कदम का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि लापरवाही के कारण किसी बड़ी दुर्घटना की नौबत न आए।
