
- मुंबई। वाहन चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस (DL), रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र की कागजी प्रतियां साथ रखने की जरूरत अब नहीं है। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार DigiLocker और mParivahan ऐप पर उपलब्ध मान्य डिजिटल दस्तावेजों को मूल दस्तावेजों के समान कानूनी मान्यता प्राप्त है। इसके बावजूद यदि कोई यातायात पुलिसकर्मी इन्हें स्वीकार करने से इनकार करता है, तो वाहन चालक नियमानुसार शिकायत कर सकते हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने डिजिटल दस्तावेजों को स्वीकार करने के संबंध में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, मोबाइल की गैलरी में रखी दस्तावेजों की तस्वीर या स्क्रीनशॉट को आधिकारिक डिजिटल दस्तावेज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। वाहन चालकों को DigiLocker या mParivahan ऐप में उपलब्ध दस्तावेज ही दिखाने चाहिए।
यदि पुलिसकर्मी डिजिटल दस्तावेज स्वीकार नहीं करता है, तो वाहन चालक शांतिपूर्वक संबंधित नियमों की जानकारी देते हुए वरिष्ठ यातायात अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद भी यदि चालान जारी किया जाता है, तो उसके विरुद्ध यातायात पुलिस के शिकायत माध्यम, आधिकारिक सोशल मीडिया खाते या संबंधित परिवहन विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर चालान को सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय में चुनौती भी दी जा सकती है।
वाहन चालकों को सलाह है कि यात्रा से पहले ऐप में अपने दस्तावेजों की उपलब्धता और वैधता जांच लें। बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और लाइसेंस की अवधि समाप्त होने पर डिजिटल प्रति दिखाने से नियमों के उल्लंघन से राहत नहीं मिलती।
