
चेतेश्वर पुजारा को धैर्य का प्रतीक माना जाता है, पर कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की शर्मनाक हार ने उनका धैर्य भी जवाब दे दिया। 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया सिर्फ 93 पर सिमट गयी और 30 रनों से हार गयी। पुजारा ने स्पष्ट कहा, “यह हार पचने वाली नहीं, अस्वीकार्य है।”
वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास को संक्रमणकाल मानने वाली धारणा को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि भारत के पास यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, वाशिंगटन सुंदर और शुभमन गिल जैसे प्रतिभाशाली क्रिकेटर मौजूद हैं। ऐसे में घरेलू मैदान पर हार का कोई बहाना नहीं है।
पुजारा के अनुसार कोलकाता की टर्निंग पिच भारत के लिए ही भारी पड गयी। उन्होंने कहा कि संतुलित विकेट होता तो भारत की जीत की संभावना ज्यादा रहती। उनके शब्दों में, “कुछ विकेट विरोधी टीम को बराबरी पर ला देते हैं, और जीत का प्रतिशत घट जाता है।”
इस हार ने भारत को पिछले साल न्यूजीलैंड के हाथों मिली 3-0 की करारी हार की याद भी दिला दी।
