
● मुंबई।
महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को उत्तन–विरार सी लिंक परियोजना के पहले चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और कार्यान्वयन योजना को मंजूरी दे दी। यह लगभग 58,754 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परिवहन परियोजना मुंबई के पश्चिमी उपनगरों को पालघर क्षेत्र और प्रस्तावित वाधवन पोर्ट से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) इस परियोजना को क्रियान्वित करेगा। लगभग 60 माह में पूरी होने वाला यह प्रोजेक्ट 24.35 किमी लंबे मुख्य सी लिंक और उत्तन, वसई तथा विरार में 30.77 किमी जोड़ने वाले मार्गों सहित कुल 55.12 किमी का नेटवर्क तैयार करेगा।
सरकार एमएमआरडीए को 11,116 करोड़ रुपये की बिना ब्याज वित्तीय सहायता देगी। इसमें केंद्र और राज्य के कर, भूमि अधिग्रहण के लिए 2,619 करोड़ रुपये तथा पुनर्वसन के लिए 261 करोड़ रुपये शामिल हैं। शेष राशि एमएमआरडीए अपने संसाधनों और बाहरी उधारी से जुटाएगा।
परियोजना को ‘महत्वाकांक्षी शहरी परिवहन’ और ‘लोक उपयोगिता’ का दर्जा दिया गया है, जिससे स्वीकृति प्रक्रियाएँ सरल होंगी। स्थानीय निकायों को अपने विकास आराखों में इस परियोजना का मार्ग शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भूमि अधिग्रहण समय पर हो सके। सरकारी भूमि एमएमआरडीए को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी, जबकि निजी भूमि कानूनी प्रावधानों अथवा विकास अधिकारों के माध्यम से ली जाएगी।
दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए एमएमआरडीए को टोल वसूली, उपयोगकर्ता शुल्क, विज्ञापन और अन्य वाणिज्यिक सेवाओं से राजस्व जुटाने की अनुमति दी गई है।
यह परियोजना उत्तरी मुंबई महानगर क्षेत्र में मौजूदा मार्गों पर दबाव कम करने, यात्रा समय घटाने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करके आर्थिक गतिविधियों को गति देने की उम्मीद जगाती है।
