
● नई दिल्ली
भारत के एविएशन सेक्टर में यात्रियों के लिए जल्द ही टिकट के नए विकल्प उपलब्ध होंगे। केंद्र सरकार ने शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को परिचालन शुरू करने के लिए ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जारी कर दिया है। इससे घरेलू विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप का दबदबा लगातार मजबूत होता जा रहा है। फिलहाल घरेलू बाजार के करीब 90 प्रतिशत हिस्से पर इन दोनों का नियंत्रण है, जिसमें अकेले इंडिगो की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है। हाल के दिनों में तकनीकी कारणों से इंडिगो की कई उड़ानें प्रभावित होने के बाद सरकार ने एक ही एयरलाइन पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया है।
नई एयरलाइंस में केरल के अलहिंद ग्रुप द्वारा प्रवर्तित अल हिंद एयर, 2026 तक कमर्शियल उड़ानें शुरू करने की तैयारी कर रही शंख एयर, और घरेलू रूट्स पर सेवाएं देने की योजना बना रही फ्लाईएक्सप्रेस शामिल हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के अनुसार सरकार का लक्ष्य ‘उड़ान’ योजना के तहत छोटे शहरों तक हवाई सेवाओं का विस्तार करना है।
हालांकि भारत में एयरलाइन कारोबार चुनौतीपूर्ण रहा है। जेट एयरवेज, गो फर्स्ट और फ्लाई बिग जैसी कंपनियां पहले ही परिचालन बंद कर चुकी हैं और फिलहाल देश में केवल नौ शेड्यूल्ड एयरलाइंस सक्रिय हैं। एनओसी मिलने के बाद अब इन तीनों कंपनियों को डीजीसीए से एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, इसके बाद ही वे यात्रियों के लिए उड़ान भर सकेंगी।
