- महाशिवरात्रि में मिलेंगे दर्शन

पुणे ।
पुणे जिले के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल श्री क्षेत्र भीमाशंकर मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मंदिर परिसर में सभामंडप और सीढ़ी मार्ग सहित विभिन्न निर्माण कार्य सुरक्षित, योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाने हैं। इसी वजह से मंदिर को 9 जनवरी 2026 से तीन महीने के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु बंद रखने का निर्णय किया गया है।
हालांकि, महाशिवरात्रि के अवसर पर 12 फरवरी से 18 फरवरी 2026 तक मंदिर को एक सप्ताह के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा, ताकि भक्त दर्शन कर सकें।
यह निर्णय 23 दिसंबर को जिला प्रशासन, श्री क्षेत्र भीमाशंकर देवस्थान ट्रस्टों, स्थानीय दुकानदारों और ग्रामवासियों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस संबंध में जानकारी जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने दी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2027 में नाशिक–त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभमेले से पहले लाखों श्रद्धालुओं के भीमाशंकर आने की संभावना है। ऐसे में बुनियादी सुविधाएं, सभामंडप, सुरक्षित प्रवेश-निकास व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण से जुड़े कार्य समय रहते पूरे करना बेहद जरूरी है।
मंदिर बंद रहने की अवधि में भी श्री भीमाशंकर की नित्य पूजा, अभिषेक और सभी धार्मिक अनुष्ठान परंपरा के अनुसार नियमित रूप से चलते रहेंगे, पर श्रद्धालुओं को न तो प्रत्यक्ष दर्शन की अनुमति होगी और न ही मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।
निर्माण कार्य से जुड़े अधिकृत अधिकारी-कर्मचारी और भीमाशंकर के स्थानीय ग्रामवासियों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस निर्णय की गंभीरता को समझें और सहयोग करें।
जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने कहा कि भीमाशंकर मंदिर का विकास श्रद्धालुओं की दीर्घकालीन सुरक्षा और सुविधाओं के लिए आवश्यक है। सिंहस्थ कुंभमेले की पृष्ठभूमि में कार्य समय पर पूरे हों, इसके लिए मंदिर को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
