
● मुंबई
श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल, मुंबई का 112वां स्थापना दिवस 1 जनवरी 2026 को मालाड-पूर्व स्थित शारदा ज्ञानपीठ इंटरनेशनल स्कूल के सकल नारायण शर्मा सभागृह में भव्य और गरिमामय वातावरण में मनाया गया।
इस वर्ष के बोहनीकर्ता आचार्य पं. मन्शाराम तिवारी (पूर्व प्राचार्य, श्री चण्डी मंदिर रामस्वरूप गुप्त आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, राजाबाजार, जौनपुर) रहे जबकि पिछले वर्ष के बोहनीकर्ता डॉ. ओमप्रकाश नरसिंह दूबे (संचालक, नालासोपारा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सम्माननीय अतिथि के रूप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं माननीय न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के संस्कृत एवं भारतीय अध्ययन स्कूल के आचार्य प्रो. रामनाथ झा उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में कृपाशंकर सिंह (पूर्व गृहराज्य मंत्री एवं उपाध्यक्ष-भाजपा, महाराष्ट्र) ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
विशेष अतिथियों में डॉ. राधेश्याम तिवारी (संस्थापक, भारतीय सद्विचार मंच), रमानाथ तिवारी (समाजसेवी एवं उद्योगपति), स्वामी डॉ. चन्द्रदेव मिश्र (सच्चा बाबा आश्रम, नैनी, प्रयागराज), दिनेश चन्द्र उपाध्याय (अध्यक्ष, डॉसनेक्ट जेन इंडिया प्रा. लि.), सुधाकर उपाध्याय (चेयरमैन, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम एवं अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद), अधिवक्ता विश्वरूप तिवारी (उच्च न्यायालय, इलाहाबाद), आशुतोष उपाध्याय (राष्ट्रीय अध्यक्ष, आदर्श ब्राह्मण फाउंडेशन) तथा भानु प्रकाश मिश्र (वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक भास्कर) प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इस अवसर पर संस्था के ट्रस्ट बोर्ड के चेयरमैन डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष रामसेवक पाण्डेय, उपाध्यक्ष कौशल कुमार तिवारी एवं मानकेश्वर चौबे, संयुक्त मंत्री सुभाषचन्द्र उपाध्याय, विनोद कुमार मिश्र और राधेश्याम दूबे की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफल रहा। मंच संचालन आनंद सिंह ने प्रभावशाली ढंग से किया। समारोह में मंडल के सैकड़ों सदस्य और आमंत्रित अतिथिगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल वर्तमान में तीन संस्कृत महाविद्यालय श्री चण्डी मंदिर रामस्वरूप गुप्ता आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, राजाबाजार (जौनपुर), श्री वैष्णव भगवान देशराज सूरि आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, उदयभानपुर (जौनपुर) तथा श्री सांगवेद संस्कृत महाविद्यालय, नगहरिपुर (जौनपुर) के साथ-साथ दो बालिका विद्यालय तथा दो पुस्तकालय एवं वाचनालय का सफल संचालन कर रहा है।
