
● मुंबई
मुंबई विश्वविद्यालय के वार्षिक दीक्षांत समारोह में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 सशक्त, सृजनशील और ज्ञानसमृद्ध भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला है। यह नीति विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की भावना विकसित कर देश के सर्वांगीण विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
सर कावसजी जहांगीर दीक्षांत सभागृह, फोर्ट में आयोजित समारोह में भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. अजय कुमार सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुंबई विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) रविंद्र कुलकर्णी, प्र. कुलगुरु डॉ. अजय भामरे, कुलसचिव डॉ. प्रसाद कारंडे, परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल की निदेशक डॉ. पूजा रौंदले सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता, प्राचार्य और प्राध्यापक मौजूद रहे। मंत्री पाटील ने कहा कि विज्ञान के साथ कला, खेल, संस्कृति और मूल्य-शिक्षा का समावेश सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होगा।
डॉ. अजय कुमार सूद ने ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ पहल और एआई आधारित डीपीआई 2.0 के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि और सतत विकास में परिवर्तन का आह्वान किया।
इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न विद्याशाखाओं के कुल 1,72,522 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें स्नातक, स्नातकोत्तर और 602 पीएच.डी. धारक शामिल हैं।
