
● मॉस्को
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है। इस दावे के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का अवरोध अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है। गार्ड्स नेवी के अधिकारी मोहम्मद अकबरज़ादेह ने फार्स न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट इस समय इस्लामिक रिपब्लिक की नेवी के नियंत्रण में है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को मिसाइल या ड्रोन जैसे खतरों का सामना करना पड़ सकता है।
इस घटनाक्रम के बीच रूस ने भारत और चीन को राहत का संकेत दिया है। इंटरफैक्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा है कि रूस भारत और चीन को तेल की सप्लाई बढ़ाने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि होर्मुज में तनाव के बीच यह कदम एक ‘बफर’ की भूमिका निभा सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा। हालांकि उसकी सप्लाई जनवरी के 1.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन (एमबीडी) से थोड़ा घटकर 1 एमबीडी से कुछ अधिक रही। वहीं सऊदी अरब ने अपनी आपूर्ति लगभग 30 प्रतिशत बढ़ाकर 1 एमबीडी से ऊपर पहुंचा दी, जिससे दोनों देशों के बीच अंतर कम हुआ।
