◾जानिए, मुख्यमंत्री कार्यालय ने क्या कहा?

▪️ मुंबई
महाराष्ट्र में मॉनसून की लुका-छिपी बंद नहीं हो रही। मानसून के आगमन ने किसानों के बीच अच्छी बारिश और समय पर बुवाई की उम्मीद जगाई थी, लेकिन मौसम की ताजा स्थिति ने उनकी चिंताओं को बढ़ा दिया है। राज्य में मॉनसून पहुंच चुका है, फिर भी उसके अपेक्षित गति से आगे बढ़ने के संकेत फिलहाल नहीं मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मॉनसून दक्षिण कोंकण में प्रवेश कर चुका है। सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी के कुछ क्षेत्रों में 9 जून तक मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी, लेकिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में कम से कम 15 जून तक बारिश की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है। ऐसे में व्यापक स्तर पर बुवाई के लिए आवश्यक वर्षा मिलने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में दोपहर बाद बादल छाने तथा कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि यह वर्षा कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
दूसरी ओर, राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। विदर्भ और खानदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की संभावना है, जबकि मराठवाड़ा में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह अल-नीनो प्रभाव वाला वर्ष है। यद्यपि औसत वर्षा का अनुमान 92 प्रतिशत है, फिर भी कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका बनी हुई है। इसका असर विशेष रूप से मराठवाड़ा, पश्चिमी विदर्भ, उत्तरी महाराष्ट्र तथा सूखा-प्रवण इलाकों पर पड़ सकता है। उन्होंने किसानों से जल्दबाजी में बुवाई न करने और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार उचित समय का इंतजार करने की अपील की है, ताकि दोबारा बुवाई की नौबत न आए।
